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BEHEVIOR

मनुष्य अपने  कृत कर्म का स्वयं ही फलाभागि बनता है इस  बात को जानते हुए भी मनुष्य अपना व्यवहार नहीं बदलता  मनुष्य का व्यवहार ही उसकी शिक्षा का प्रतिबिंब होता है  आधुनिक समय में  हमारी युवापीढ़ी शिक्षित तो है परन्तु उसकी शिक्षा उसके व्यवहार में नहीं  है इसका कारण केवल पदोन्नति है एक कक्षा से दूसरी कक्षा में जाना